नोएडा। एनसीआर से थार, क्रेटा, फार्च्यूनर जैसी कारें चोरी कर नार्थ-ईस्ट के राज्यों में खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। सेक्टर 58 थाना पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो सदस्यों को सेक्टर 54 से गिरफ्तार किया। आरोपितों की निशानदेही पर चोरी की तीन कारें, एक तमंचा और कारतूस बरामद किए गए।
आरोपितों के पास से सेक्टर 59 के महिंद्रा सर्विस सेंटर से चोरी की गई माडिफाई थार भी बरामद हुई है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। दोनों आरोपित 200 से अधिक वाहन चोरी कर चुके हैं।
सर्विस सेंटर से उड़ाई थार
नोएडा सेक्टर 39 के निवासी संजय डावर गारमेंट्स के कारोबारी हैं। उनके पास माडिफाई थार मॉडल की कार थी, जिसे उन्होंने 12 जून को सेक्टर 59 महिंद्रा कांसेप्ट सर्विस सेंटर पर भेजा था। 14 जून को जब वह कार लेने गए, तो उसे चोरी होने का पता चला।
पीड़ित ने सेक्टर 58 थाने में कार चोरी का मामला दर्ज कराया। पुलिस चोरों की पहचान और तलाश में जुटी थी। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने शुक्रवार रात को दो संदिग्धों को सेक्टर 54 से दबोचा। एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपितों की पहचान उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के शक्तिफार्म टैगोर नगर गांव के नीरज शर्मा और कूच बिहार के बालाकुटी गांव के अजय सरकार के रूप में हुई।
पूछताछ में पता चला कि दोनों 12वीं पास हैं। नीरज गिरोह का सरगना है और दोनों चार पहिया वाहनों की चोरी में माहिर हैं। चोरी के वाहनों को पार्किंग आदि स्थानों पर नंबर प्लेट उतारकर खड़ा कर देते हैं और उनके चैसिस व इंजन नंबर को टैम्पर करते हैं। फिर इन वाहनों को असम बार्डर क्षेत्र के डीलरों के माध्यम से मिजोरम और त्रिपुरा में बेचते हैं।
बिना टोल वाले रास्तों से पहुंचाते हैं वाहन
एसीपी अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि सौदा होने पर अजय वाहनों की डिलीवरी करता है। वह नार्थ-ईस्ट तक चोरी के वाहनों को पहुंचाने के लिए बिना टोल के रास्तों का प्रयाेग करते हैं ताकि पुलिस की रडार में नहीं आएं। कई बार ग्राहक नहीं मिलने पर कबाड़ियों को भी वाहन बेच देते हैं।
दोनों पर हैं चोरी के 22 मामले
थाना प्रभारी अमित तोमर ने बताया कि नीरज 2007 से अपने चचेरे भाई दीपक के साथ मिलकर एनसीआर में वाहन चोरी कर रहा है। उस पर वाहन चोरी समेत 18 मामले दिल्ली और नोएडा में दर्ज हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है। जेल से बाहर आकर फिर से वारदात कर रहा था। उसके साथी अजय पर चार मामले दर्ज हैं। वह 2017 से चोरी के वाहन खपाने के नेटवर्क से जुड़ा है।
