भक्ति के लिए घर छोड़कर वृंदावन आने वाले युवाओं की तलाश में उनके परिजनों की परेशानी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को बेटे की तलाश में एक परिवार संत प्रेमानंद के आश्रम पहुंचा। बिहार का एक परिवार अपने बेटे अभिनंदन की तलाश में वृंदावन पहुंचा। संत प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर तलाश करने के बाद परिजनों ने रमणरेती चौकी पर पुलिस से बेटे को खोजने में मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।
सादाबाद के अनुज चौधरी के परिजनों द्वारा संत प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर धरना-प्रदर्शन की खबरों से भक्ति के लिए घर छोड़कर वृंदावन आने वाले युवाओं के परिवारों में अपने बच्चों की तलाश की उम्मीद जगी है। इसके बाद कई परिवार वृंदावन आकर अपने घर के चिराग को खोज रहे हैं। इसी क्रम में बिहार के गोपालगंज जिले के कल्यानपुरी कुंभी टोला निवासी किसान विनोद यादव मंगलवार को अपने मझले बेटे अभिनंदन की तलाश में वृंदावन पहुंचे। विनोद यादव के अनुसार, सोशल मीडिया पर संत प्रेमानंद को फॉलो करने वाला अभिनंदन इंटरमीडिएट की परीक्षा देने के बाद 27 जुलाई को घर से वृंदावन के लिए निकला था। यहां पहुंचने के बाद उससे संपर्क नहीं हो सका तो अनहोनी की आशंका में परिजन वृंदावन आए। तलाश के दौरान अभिनंदन का मोबाइल छह शिखर मंदिर के पास मिला, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजन लौट गए।
वीडियो में दिखा अभिनंदन तो फिर वृंदावन आए परिजन
परिजनों ने बताया कि राधाष्टमी पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें राधावल्लभ मंदिर में झगड़े के दौरान सुरक्षाकर्मी एक युवक को धकेलते दिखाई दे रहे थे। परिजनों ने वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान अभिनंदन के रूप में की। इसके बाद वे फिर वृंदावन पहुंचे, लेकिन काफी तलाश के बाद भी बेटा नहीं मिला। इसके बाद से परिजन अभिनंदन को कभी संत प्रेमानंद के आश्रम, कभी राधावल्लभ मंदिर और कभी अन्य स्थानों पर तलाश रहे हैं।
प्रेमानंद आश्रम के बाहर हुई अभद्रता से आहत है मेरठ का परिवार
वहीं अपने बेटे प्रिंस की तलाश में मेरठ से वृंदावन पहुंचा परिवार संत प्रेमानंद आश्रम के बाहर हुई अभद्रता से आहत और भयभीत है। उन्होंने मथुरा पुलिस से जांच की मांग की है। बीती 10 मई को संत प्रेमानंद महाराज के एकांतिक वार्ता के लिए आये और फिर गायब हुए प्रिंस के परिजन अब भी अपने बेटे की वापसी की उम्मीद में वृंदावन में डेरा डाले हुए हैं। सोमवार को आश्रम के बाहर अपने बेटे को ढूंढने के दौरान कुछ लोगों द्वारा संत प्रेमानंद का समर्थन करते हुए उनके साथ हद दर्जे की अभद्रता की थी। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हालंकि उस समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें वहां से बाहर निकलने में मदद की थी लेकिन इस घटना के बाद प्रिंस के पिता नेत्रपाल, मां पूनम देवी, छोटा भाई और दो चचेरे भाई आहत और भयभीत हैं। पिता नेत्रपाल ने बताया कि मंगलवार को वह और उनका परिवार डर की वजह से आश्रम की तरफ नहीं गए। जबकि पूरे सबूत यह सिद्ध करते हैं कि उनका बेटा आश्रम से ही गायब हुआ है। उन्होंने कहा कि वह भी प्रेमानंद महाराज का सम्मान करते हैं। उन्हें तो बस अपना बेटा वापस चाहिए, जो पुलिस की मदद से मिल सकता है।
