संचार नाउ। यथार्थ अस्पताल से जुड़े एक मामले में न्यायालय के आदेश के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने पर गौतमबुद्धनगर के थाना बीटा-2 प्रभारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथम, गौतमबुद्धनगर की अदालत ने थाना प्रभारी को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, अधिवक्ता आदित्य भाटी ने बताया कि एडवोकेट धीरेंद्र भाटी ने पथरी के इलाज के लिए यथार्थ हॉस्पिटल में एडमिट हुए उनके इलाज में लापरवाही भारती गई जिसके चलते उन्होंने इस मामले में पुलिस को शिकायत थी लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। धीरेंद्र बनाम यथार्थ हॉस्पिटल आदि मामले में न्यायालय ने 12 अगस्त 2026 को थाना बीटा-2 पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। आदेश के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने पर न्यायालय ने थाना प्रभारी को अवमानना का नोटिस जारी किया है।
न्यायालय के आदेश के अनुसार थाना प्रभारी को 31 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर यह स्पष्ट करना होगा कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अभियोग पंजीकृत क्यों नहीं किया गया।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि थाना प्रभारी निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं देते हैं तो उच्चाधिकारियों को सूचित करने के साथ उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ता आदित्य भाटी का कहना है कि न्यायालय द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद FIR दर्ज नहीं होना गंभीर विषय है। अब देखना होगा कि 31 अगस्त को न्यायालय के समक्ष थाना प्रभारी क्या स्पष्टीकरण देते हैं।
