संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में 12 से 18 फरवरी तक आयोजित स्थापना दिवस एवं रजत जयंती समारोह अत्यंत गरिमा, उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। संस्थान की 25 वर्षों की गौरवशाली, मूल्यपरक और उत्कृष्ट शैक्षिक यात्रा को समर्पित यह आयोजन शिक्षा, संस्कृति, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया।
समारोह के अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी सतीशाचार्य महाराज की उपस्थिति रही। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त जीवन, अनुशासन और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का संदेश दिया तथा संस्थान को संस्कार और उत्कृष्टता का संगम बताया।
समापन समारोह में अनेक राष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। केंद्रीय राज्य जल शक्ति मंत्री राज भूषण चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि देश के विकास में शिक्षित, कुशल और संवेदनशील युवाओं की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने जल संरक्षण, सतत विकास और तकनीकी नवाचार में युवाओं की भागीदारी पर बल दिया। राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा समाज को दिशा देती है और जीएनआईओटी ने बीते 25 वर्षों में गुणवत्ता और अनुशासन के साथ शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जुड़ी शिक्षा प्रणाली को सशक्त करने की आवश्यकता बताई। गौतम बुद्ध नगर से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने संस्थान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जीएनआईओटी ने क्षेत्र के शैक्षिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने अनुशासन, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच को सफलता का आधार बताया। पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने युवाओं से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश कुमार पाठक और केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने वीडियो संदेश के माध्यम से संस्थान को रजत जयंती की शुभकामनाएं दीं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में जीएनआईओटी के प्रयासों की सराहना की।

संस्थान के चेयरमैन राजेश गुप्ता ने अपने संबोधन में संस्थान की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की प्रेरणादायी यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों से प्रारंभ हुआ यह संस्थान आज राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान बना चुका है। उन्होंने अनुसंधान, नवाचार, उद्योग–संस्थान सहयोग और डिजिटल शिक्षा को भविष्य की प्राथमिकताएं बताया। वाइस चेयरमैन गौरव गुप्ता और जीआईएमएस के सीईओ स्वदेश कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
समारोह के दौरान फैकल्टी, स्टाफ और विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समूह नृत्य, समूह गायन, एकल नृत्य और गायन की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समारोह को जीवंत बना दिया। समापन अवसर पर प्रसिद्ध कलाकारों की लाइव प्रस्तुति ने पूरे परिसर को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। स्थापना दिवस एवं रजत जयंती समारोह का यह भव्य आयोजन जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की 25 वर्षों की उत्कृष्टता, समर्पण और राष्ट्रनिर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण बनकर उभरा।
