संचार नाउ। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) लखनऊ में आयोजित जनसुनवाई के दौरान इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (IEA) ने उद्योगों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दे आयोग के समक्ष रखे। संस्था की ओर से अध्यक्ष संजीव शर्मा ने आयोग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उद्योगों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना सराहनीय पहल है और उम्मीद है कि आयोग उपभोक्ताओं और उद्योगों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय लेगा।
जनसुनवाई के दौरान IEA ने औद्योगिक भवनों में फ्लोर-वाइज बिजली कनेक्शन की पहल को उपयोगी बताते हुए इसके लिए आयोग और NPCL का धन्यवाद दिया। संस्था ने कहा कि यह व्यवस्था औद्योगिक इकाइयों के लिए व्यावहारिक और लाभकारी साबित हो रही है।
इसके साथ ही IEA ने एलटी कनेक्शन की सीमा 50 किलोवाट से बढ़ाकर 100 किलोवाट करने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि वर्तमान सीमा कई छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए पर्याप्त नहीं है, ऐसे में इसे बढ़ाने से उद्योगों को राहत मिलेगी।

संस्था ने उद्योगों को मिल रही बिजली पर छूट और रियायतों को जारी रखने की भी मांग की, ताकि उद्योग प्रतिस्पर्धात्मक बने रहें और क्षेत्र में निवेश व रोजगार को बढ़ावा मिल सके।
वहीं IEA ने सिक्योरिटी डिपॉजिट को 1000 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 2000 रुपये करने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। इसके अलावा नए बिजली कनेक्शन में डेवलपमेंट चार्जेज के स्थान पर सप्लाई अफोर्डेबल चार्ज लागू करने पर भी आपत्ति जताई और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुरानी व्यवस्था जारी रखने की बात कही।
इस अवसर पर IEA के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष संजीव शर्मा के साथ एमपी शुक्ला, पवन गर्ग और महिपाल चौहान भी मौजूद रहे। संस्था ने उम्मीद जताई कि आयोग उद्योगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लेगा।
