संचार नाउ। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की ओर से एरोड्रम लाइसेंस सौंप दिया गया है, जिससे एयरपोर्ट के जल्द संचालन शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। लाइसेंस मिलने के साथ ही एयरपोर्ट के संचालन से जुड़ी शेष प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने पर भी चर्चा की गई।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की सबसे महत्वपूर्ण विमानन परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। क्षेत्रफल के लिहाज से यह एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट क्षेत्रों में शामिल होगा। यह एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसे एक बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
एयरपोर्ट में एकीकृत एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) और एयर कार्गो सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, जिससे भारत के विमानन तंत्र को मजबूती मिलेगी और व्यापार, उद्योग तथा कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का विमानन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। देश में विश्वस्तरीय एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे आर्थिक विकास के साथ-साथ नए अवसर और बेहतर कनेक्टिविटी का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
