संचार नाउ। दादरी और बुलंदशहर के करीब 80 गांवों की जमीन पर प्रस्तावित न्यू नोएडा (दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र) को भविष्य के सबसे बड़े औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में नोएडा प्राधिकरण ने तैयारियां तेज कर दी हैं। क्षेत्र को देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए अभी से योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिससे आने वाले वर्षों में न्यू नोएडा उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और औद्योगिक हब के रूप में उभर सकता है।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण की योजना है कि प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे से न्यू नोएडा को सीधे जोड़ा जाए। इसके लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) से प्रवेश और निकासी के लिए रैंप एवं कट बनाने का अनुरोध किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर शासन स्तर पर भी पैरवी की जाएगी।
80 गांवों की जमीन पर बसने वाले न्यू नोएडा को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी देने की तैयारी शुरू
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-21 फिल्म सिटी के निकट जुड़ेगा और इसका महत्वपूर्ण हिस्सा न्यू नोएडा क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इससे न्यू नोएडा की सीधी कनेक्टिविटी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से स्थापित हो जाएगी।
न्यू नोएडा के मास्टर प्लान-2041 के तहत पूरे क्षेत्र में 130 मीटर चौड़ी ग्रिड रोड विकसित की जाएगी, जिसके माध्यम से आधुनिक परिवहन व्यवस्था तैयार होगी। प्राधिकरण के अनुसार, इस महीने के अंत तक होने वाली बैठक में लिंक एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की जाएगी।
निवेश और रोजगार की खुलेंगी नई संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से जुड़ाव न्यू नोएडा को निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बनाएगा। बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, उद्योग, आईटी, डेटा सेंटर और आवासीय परियोजनाओं में बड़े निवेश की संभावना बढ़ेगी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने वाला एक बड़ा विकास केंद्र होगा साबित
हालांकि अभी न्यू नोएडा का विकास जमीनी स्तर पर शुरू नहीं हुआ है, लेकिन नोएडा प्राधिकरण जल्द ही ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के निकट अस्थायी कार्यालय स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद भूमि विकास और आधारभूत ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया तेज होगी। आने वाले समय में न्यू नोएडा केवल एक नया शहर नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने वाला एक बड़ा विकास केंद्र साबित हो सकता है।
