बिरादरी के बाहर शादी नहीं, 25 साल में हो लड़कियों का ब्याह… मेरठ में बैठी ‘जाट पार्लियामेंट’, ये 11 प्रस्ताव पास

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मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ के सकौती टांडा में आयोजित जाट सम्मेलन में समाज को लेकर 11 बड़े फैसले लिए गए। कार्यक्रम के दौरान हिंदू हृदय सम्राट वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। 20 फीट ऊंची महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का निर्माण 20 लाख रुपये की लागत से किया गया है। कार्यक्रम में 50 से अधिक देशों से जाट प्रतिनिधि कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे। सबने एक सुर में जाट समाज को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ मिलकर काम करने की बात कही।

कार्यक्रम के दौरान संकल्प व्यक्त किया गया कि जिस भी प्रांत में जाटों को ओबीसी आरक्षण के दायरे में नहीं रखा गया है, वहां इसके लिए प्रयास किए जाएगा। मेरठ जाट सम्मेलन में 11 प्रस्तावों को पास किया गया। इसमें शादी को लेकर बड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसमें शादी की उम्र पर भी अहम निर्णय हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पंजाब के सीएम भगवंत मान मौजूद रहे।

शादी की उम्र की गई तय

इंटरनेशनल जाट संसद ने एक सुर में 11 प्रस्तावों पर मुहर लगाई। जाट सरदारी की ओर से लिए गए 11 निर्णयों में से शादी की उम्र को लेकर लिया गया निर्णय अहम रहा। सम्मेलन में तय किया गया कि जाट युवक-युवतियों की शादी 23 से 25 साल की उम्र में कर दी जाए। साथ ही, अंतरजातीय विवाह पर पूरी तरह से रोक लगाने का निर्णय भी इसमें लिया गया।

इन 11 प्रस्तावों को मिली मंजूरी:

  1. जाट समाज के युवाओं को जाट इतिहास पढ़ने और जाट महापुरुषों की जयंती एवं पुण्यतिथि मनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
  2. युवाओं को टेक्निकल एवं स्किल एजुकेशन के साथ-साथ उच्च शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
  3. दीनबंधु, रहबरे आजम, सर चौधरी छोटूराम को भारत रत्न दिए जाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
  4. नशा मुक्त जाट समाज के लिए नशा मुक्ति अभियान चलाया जाएगा। युवाओं को इस दिशा में जागरूक किया जाएगा।
  5. अंतरजातीय विवाह पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए।
  6. उच्च पदों पर काबिज जाट नेता और अधिकारी निस्वार्थ समाज के लोगों की मदद करेंगे।
  7. क्षेत्रवाद, गोत्रवाद से बाहर निकल कर पुरी दुनिया का जाट एक सूत्र में बंधे, इसके लिए जाट एकता की बात की जाएगी।
  8. उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में जहां जाट समाज को ओबीसी आरक्षण नहीं मिला हुआ है, वहां के जाटों को ओबीसी आरक्षण के लिए प्रयास किया जाएगा।
  9. जाट महापुरुषों के इतिहास को सीबीएसई, एनसीईआरटी पाठ्यक्रमों में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।
  10. बच्चों की शादियां 23 से 25 साल की उम्र तक कर दी जानी चाहिए।
  11. 36 बिरादरियों के साथ सामाजिक भाईचारे को संकल्प लिया गया।
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जाट के संगठित होने का संकल्प

राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने जाट समाज के एकजुटता की बात की। हनुमान बेनीवाल ने इस मौके पर कहा कि हमें उत्तर प्रदेश में महाराजा सूरजमल की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित होने पर बहुत खुशी हो रही है। इस अनावरण समारोह में आने का सौभाग्य मिला है, इसकी भी खुशी है। उन्होंने कहा कि महाराजा सूरजमल अजेय योद्धा थे। ये हमारे लिए गर्व की बात है।

नागौर सांसद ने कहा कि हम सब जाटों का एक ही डीएनए है, चाहे वह देश के किसी भी राज्य का हो। हम सभी को संगठित होना होगा। उन्होंने कहा कि जाट राजनीति को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। जब आप संगठित हुए तो चौधरी चरण सिंह को प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचाने का काम किया। अब फिर हमें एकजुट होना है।

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