संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के 17 गांवों में जल्द ही एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। करीब 2600 नई एलईडी स्ट्रीट लाइटों की स्थापना पर लगभग 3.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना का उद्देश्य गांवों में चिन्हित डार्क जोन को समाप्त कर रात के समय सुरक्षा और आवागमन को बेहतर बनाना है।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा सर्वेक्षण भी पूरा कर लिया गया है और अगले एक माह के भीतर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य शुरू होने की संभावना है।
₹3.5 करोड़ की परियोजना से खत्म होंगे डार्क जोन, सुरक्षा और आवागमन होगा बेहतर
जिन गांवों में नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी उनमें सूरजपुर, भोला रावल, तिलपता करनवास, कुलेसरा, कैलाशपुर उर्फ किराचपुर, बिसरख, ऐमनाबाद, सादोपुर, इटेड़ा, खोदना खुर्द, खैरपुर गुर्जर, छपरौला, खेड़ा धर्मपुरा, मिलक लच्छी, खेड़ी, भनौता और सुनपुरा शामिल हैं।
प्राधिकरण पहले से ही पुराने सोडियम लाइट सिस्टम को हटाकर ऊर्जा दक्ष एलईडी स्ट्रीट लाइटें स्थापित कर रहा है। अब तक ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों और गांवों में एक लाख से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं, जिससे कई क्षेत्रों में रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) प्रेरणा सिंह ने बताया कि डार्क जोन को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के 17 गांवों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले एक माह में कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि बेहतर प्रकाश व्यवस्था न केवल अंधेरे की समस्या दूर करेगी, बल्कि महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को भी मजबूत बनाएगी।
