नोएडा: न्यू नोएडा में विकास की नई रूपरेखा तैयार की गई है। इसके तहत नोएडा प्राधिकरण के मॉडल पर यहां वर्क सर्किल बनाए जाएंगे। इस योजना के पहले चरण में दो वर्क सर्किल विकसित किए जाएंगे। भविष्य में पूरा विकास इन्हीं सर्किल के माध्यम से संचालित होगा। परियोजना के लिए आवश्यक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के लिए पांच लेखपालों की पहले ही नियुक्ति कर दी गई है। शेष कार्य के लिए अतिरिक्त लेखपालों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के मुताबिक, जिस गांव की जमीन का अधिग्रहण सबसे पहले होगा, उसे सेक्टर-1 घोषित किया जाएगा। उसके बाद क्रमशः सेक्टर-2, सेक्टर-3 आदि बनाए जाएंगे। इस व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत सेक्टरों का विभाजन होगा और वर्क सर्किल भी उसी क्रम में बांटे जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिसूचना के बाद निर्धारित समय सीमा के पश्चात किया गया कोई भी निर्माण अवैध माना जाएगा।
किसानों को भी बनाया जाएगा हिस्सेदार
सीईओ के अनुसार, डीएनजीआईआर (न्यू नोएडा) के विकास में किसानों को भी हिस्सेदार बनाने की योजना बनाई गई है। फेज-1 और फेज-2 में जमीन खरीद पर मुआवजा दरें तथा 6% आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मानकों के अनुसार दिया जाएगा। वहीं फेज-3 और फेज-4 में मुआवजा दरों के साथ 7% आबादी भूखंड का लाभ यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यमुना प्राधिकरण) के अनुरूप मिलेगा। शासन से मंजूरी मिलते ही इस प्रक्रिया को तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।
विशेष कैंप लगाकर दी जाएगी खरीद प्रक्रिया की जानकारी
नोएडा प्राधिकरण न्यू नोएडा के पहले चरण में शामिल 31 गांवों में विशेष कैंप आयोजित करेगा। इन कैंपों के माध्यम से किसानों और भूमिधरों को जमीन खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही जमीन से जुड़े दस्तावेज और मालिकाना हक से संबंधित विवरण भी एकत्र किए जाएंगे। न्यू नोएडा क्षेत्र के कई किसान अब स्वयं प्राधिकरण कार्यालय जाकर जमीन खरीद, मुआवजा दरों और आबादी भूखंड से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
चार चरणों में मास्टर प्लान
न्यू नोएडा का मास्टर प्लान 209.11 वर्ग किलोमीटर (20,911.29 हेक्टेयर) क्षेत्र में तैयार किया गया है, जिसे चार चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण (2023-2027) में 3,165 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक समयसीमा नजदीक होने के कारण अब काम शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। दूसरे चरण (2027-2032) में 3,798 हेक्टेयर, तीसरे चरण (2032-2037) में 5,908 हेक्टेयर और चौथे चरण (2037-2041) में 8,230 हेक्टेयर क्षेत्र को विकसित करने की योजना है। इस क्रमबद्ध विकास के तहत न्यू नोएडा को चरणवार बुनियादी ढांचा और सुविधाएं मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है।
