मेरठ: आम आदमी पार्टी के सांसद और राष्ट्रीय महासचिव संजय सिंह ने कहा कि देश में बीते कुछ वर्षों में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के 93 पेपर लीक हुए हैं, जिससे लगभग 4 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं. उन्होंने मेरठ के कमिश्नरी पार्क में हुई जनसभा में केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर राजनीतिक हमला बोला.
संजय सिंह ने सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी को इस जनसभा की परमिशन देने में भी प्रशासन द्वारा काफी आनाकानी की गई थी. हालांकि तमाम अड़चनों के बाद अब अनुमति मिल गई है और आज से पार्टी की पदयात्रा का पांचवा चरण विधिवत शुरू होने जा रहा है.
रोजगार और सामाजिक न्याय सबसे बड़ा मुद्दा: संजय सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब तक आम आदमी पार्टी पांच चरणों की महत्वपूर्ण यात्राएं पूरी कर चुकी है. इसमें पहली यात्रा सरयू से संगम तक, दूसरी रामपुर से अमरोहा, तीसरी मिर्ज़ापुर से काशी (वाराणसी सारनाथ) और चौथी यात्रा आगरा से मथुरा तक आयोजित थी. अब यह पांचवें चरण की यात्रा ऐतिहासिक क्रांतिकारी धरा मेरठ से शुरू होकर गाजियाबाद तक जाएगी, जिसका समापन 20 तारीख को होगा. इस पूरी पदयात्रा में आम आदमी पार्टी का सबसे बड़ा मुद्दा युवाओं को ‘रोजगार दो’ और शोषितों को ‘सामाजिक न्याय दो’ है.
पेपर लीक से 4 करोड़ छात्र हुए प्रभावित: सांसद संजय सिंह ने सत्ताधारी भाजपा पर आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में अब तक देश भर में 93 पेपर लीक हो चुके हैं. चाहे उसमें उत्तर प्रदेश हो, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा या फिर गुजरात हो, अधिकतर भाजपा शासित राज्यों में ही पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं. उन्होंने विशेष तौर पर जिक्र किया कि नीट (NEET) का पेपर लीक होने से अकेले 22 लाख छात्रों का भविष्य अंधकार में लटक गया है. यदि सभी 93 पेपर लीक की संख्याओं को शामिल कर लिया जाए, तो प्रभावित छात्रों की कुल संख्या लगभग 4 करोड़ के पार पहुंच जाती है.
20 करोड़ लोगों के पेट पर मारी लात: अगर इन प्रभावित छात्रों के पीड़ित परिवारों को भी जोड़ लें, तो इन राज्यों की सरकारों ने करीब 20 करोड़ लोगों के पेट और पीठ पर कोड़े मारने का काम किया है. इसीलिए आम आदमी पार्टी युवाओं के रोजगार के अधिकार के सवाल पर यह बड़ी पदयात्रा लेकर सड़कों पर निकली है. जब हम रोजगार की बात करते हैं, तो इसमें रेहड़ी-पटरी वाले से लेकर उस हर गरीब व्यक्ति की बात शामिल होती है, जिसके आशियाने पर बुलडोजर चला दिया जाता है. उन्होंने यूपी में पिछले कुछ दिनों में हुए घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि कई ऐसी अमानवीय घटनाएं हुई हैं, जो हर नागरिक को परेशान करने वाली हैं.
दलितों और पिछड़ों को बनाया जा रहा निशाना: संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी देश में वास्तविक सामाजिक न्याय की बात कर रही है और इस यात्रा का यह एक बेहद महत्वपूर्ण बिंदु है. उन्होंने इस मौके पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को भी आड़े हाथों लिया और कानून व्यवस्था से जुड़ी कई बड़ी घटनाओं का मंच से जिक्र किया. संजय सिंह बोले कि प्रदेश में कभी दलितों को, कभी मुसलमानों को और कभी पिछड़ों को टारगेट करके जो व्यवस्था चलाई जा रही है, इसे अब बदलना होगा. इसके साथ ही उन्होंने बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की जनता से की गई ‘सोना न खरीदने’ की अपील पर भी तीखा तंज कसा.
मित्रों के पास भरा पड़ा है देश का सोना: उन्होंने कहा कि जिस देश के 80 करोड़ लोग सरकारी राशन के महज 5 किलोग्राम अनाज से जिन्दा हैं, वहां आखिर सोना खरीदने की आर्थिक ताकत किसकी बची है. मोदी जी ने देश के आम नागरिकों को सोना खरीदने के लायक छोड़ा ही किसको है, लोग तो अपनी बेटी की शादी के लिए भी छोटी-मोटी ज्वेलरी मुश्किल से खरीद पाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो देश का सबसे ज्यादा सोना मोदी जी के पूंजीपति मित्रों के पास ही लॉकरों में बंद निकलेगा. सोने के बड़े व्यापारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी हजारों करोड़ रुपये लूटकर विदेश भाग गए, जो इन्हीं के करीबी थे.
ईंधन टैक्स के नाम पर वसूले 44 लाख करोड़: सोना तो आज सिर्फ उन्हीं अमीर लोगों के पास हैं और दोनों ही आरोपी विदेश में बैठकर भारतीय कानून और व्यवस्था को चिड़ा रहे हैं. डीजल और पेट्रोल के उपयोग को कम करने के सरकारी दावों पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि पिछले 12 साल में मोदी सरकार ने ईंधन के नाम पर जनता से 44 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम टैक्स वसूला है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब कच्चे तेल के दाम बेहद कम थे, तब भी देश में डीजल-पेट्रोल की कीमतों को घटाकर आम जनता को राहत नहीं दी गई थी. साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का सीधा फायदा उन निजी कम्पनियों ने उठाया है, जो इस कारोबार से सीधे जुड़ी हैं.
युद्ध के बहाने अडानी ने बढ़ाए गैस के दाम: वह बोले कि देश की जनता को यह पता होना चाहिए कि जब से मध्य एशिया में युद्ध की स्थिति बनी है, अडानी ने अपनी गैस के दामों को कई गुणा बढ़ा दिया है. आज जब देश की जनता आर्थिक संकट में है, तो सरकार को टैक्स कम करके राहत देनी चाहिए, लेकिन वर्तमान सरकार आपदा में भी अपने लिए अवसर तलाश रही है. पीएम मोदी ने ईंधन बचाने को लेकर जो अव्यावहारिक बयान दिया है, उससे राजस्थान में पुलिस वाले अब साइकिल से पेट्रोलिंग करने लगे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस साइकिल से चलेगी, तो आधुनिक अपराधियों और अपराध पर नियंत्रण कैसे पाएगी.
विदेश नीति और विपक्षी दलों पर साधा निशाना: संजय सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार को देश की सुरक्षा और आंतरिक कानून व्यवस्था के साथ इस तरह का खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. विदेश में सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से पीएम के गले मिलने पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वह वीडियो ऐसा लग रहा था जैसे कुंभ के मेले में दो बिछड़े हुए भाई मिल रहे हों. सरकार देश के मुसलमानों से तो परहेज करती है, लेकिन विदेश में जाकर वहां के शासकों से गले मिलाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश के मुसलमानों को तो कपड़ों से पहचाना जाता है, लेकिन विदेशों में ‘वीर-जारा’ फिल्म के शाहरुख खान की तरह गले मिला जाता है. पार्टी टूटने के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि ईडी (ED) का छापा मारकर लोगों पर अनैतिक दबाव बनाया गया और उन्हें डराकर तोड़ा गया.
