संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा में किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने की दिशा में प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में आपसी सहमति से जमीन देने वाले किसानों को भी अधिग्रहण के समान सुविधाएं देने और वर्ष 2002 से 2013 के बीच भूमि अधिग्रहण अथवा क्रय से प्रभावित 533 किसानों को 64.70 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन फैसलों से बड़ी संख्या में किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार ने की। इस दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह, एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ प्रेरणा सिंह, एसीईओ सुमित यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
5725 रुपये प्रति वर्गमीटर का विकल्प चुनने वालों को मिलेगा आबादी भूखंड
बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया कि आपसी सहमति से भूमि देने वाले ऐसे किसानों को भी छह प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ दिया जाएगा, जो 5725 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर वाला विकल्प चुनेंगे। दरअसल, 27 अगस्त 2026 की बोर्ड बैठक में जमीन खरीद के लिए दो विकल्प निर्धारित किए गए थे। पहले विकल्प में 6415 रुपये और दूसरे विकल्प में 5725 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर तय की गई थी। अब स्पष्ट किया गया है कि 5725 रुपये का विकल्प चुनने वाले भू-स्वामियों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड मिलेगा, जबकि 6415 रुपये का विकल्प चुनने वालों को यह लाभ नहीं मिलेगा। यह व्यवस्था 27 अगस्त के बाद होने वाली भूमि खरीद पर लागू होगी।
533 किसानों को मिलेगा 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर
बैठक का दूसरा बड़ा फैसला वर्ष 2002 से 2013 के बीच अधिग्रहित अथवा क्रय की गई जमीन से प्रभावित 533 किसानों को 64.70 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने से जुड़ा है। इन किसानों को अब तक इस लाभ का फायदा नहीं मिल पाया था। प्राधिकरण ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन की सहमति मिलने के बाद बोर्ड ने भी इसे मंजूरी दे दी है।
कर्मचारी एसोसिएशन ने किया अध्यक्ष का स्वागत
बोर्ड बैठक के अवसर पर ग्रेटर नोएडा एम्प्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष सोनू भड़ाना और उपाध्यक्ष रविंद्र कसाना ने प्राधिकरण अध्यक्ष दीपक कुमार को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान कर्मचारी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
