कासगंज: आवास विकास कॉलोनी निवासी चंद्रपाल सिंह चौहान के परिवार का 57 दिनों से चला आ रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया. उनका 16 वर्षीय बेटा मयंक सिंह चौहान उर्फ मनु सुरक्षित मिल गया है. मयंक प्रयागराज स्थित अपनी ननिहाल पहुंचा, जहां उसके सुरक्षित होने की जानकारी परिजनों को मिली. किशोर के सकुशल मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली है.
मामला बीती 7 अगस्त की रात का है. परिजनों के मुताबिक, मयंक रात करीब 2 बजे बिना बताए घर से निकल गया था. उसने वृंदावन दर्शन के लिए जाने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला. तलाश के दौरान उसके कमरे से एक पत्र भी मिला था, जिसमें दिल्ली जाकर नौकरी करने की बात लिखी थी.
मयंक संत प्रेमानंद महाराज के प्रति श्रद्धा रखता था और नियमित रूप से नाम-जाप करता था. इसी वजह से परिजनों को आशंका थी कि वह वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम या आसपास के क्षेत्र में हो सकता है. परिवार ने कासगंज कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और दिल्ली समेत कई स्थानों पर उसकी तलाश की.
मानंद महाराज के लापता किशोर मयंक की ननिहाल में सुरक्षित वापसी (Video Credit: ETV Bharat)करीब 57 दिनों तक बेटे की तलाश में परेशान परिवार को अब बड़ी राहत मिली है. मयंक के पिता चंद्रपाल सिंह ने फोन पर मीडिया को बताया कि उनका बेटा सुरक्षित प्रयागराज स्थित ननिहाल पहुंच गया है. बेटे के सकुशल मिलने की खबर से परिवार में खुशी का माहौल है.वहीं, मयंक के मिलने के बाद कासगंज पुलिस भी अपनी कार्रवाई में जुट गई है. किशोर इतने दिनों तक कहां रहा और किन परिस्थितियों में प्रयागराज पहुंचा, इसे लेकर पुलिस जानकारी जुटा रही है.
