नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को बुराड़ी स्थित डीडीए ग्राउंड में रविवार को 33,500 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी। पिंक व मजेंटा लाइन के नए काॅरिडोर की शुरुआत करने के साथ ही तीन नए मेट्रो काॅरिडोर का शिलान्यास किया। यहां दिल्ली भाजपा की 42 महिला मंडल अध्यक्षों ने उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पिंक लाइन पर नवनिर्मित मजलिस पार्क-मौजपुर काॅरिडोर और मजेंटा लाइन पर दीपाली चौक-मजलिस पार्क कारिडोर के निर्माण और उससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी प्राप्त की। केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंच पर उनका स्वागत किया।
महिला दिवस पर मेट्रो परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रधानमंत्री स्वयं यहां पहुंचकर न सिर्फ महिलाओं को अपना आशीर्वाद दे रहे हैं, बल्कि 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मेट्रो महिलाओं के आवागमन का प्रमुख साधन है और दो कारिडोर के उद्घाटन से करावल नगर, भजनपुरा सहित अन्य क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। साथ ही तीन नए कारिडोर का शिलान्यास भी दिल्ली के विकास को गति देगा।
दिल्ली सरकार के एक वर्ष के कामकाज गिनाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने एक वर्ष पूरा किया है और प्रधानमंत्री से मिले मेहनत और ईमानदारी के मंत्र के आधार पर दिल्ली की सेवा करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना और कूड़े के पहाड़ हटाने जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई।
सबका साथ, सबका विकास के मंत्र से प्रेरित होकर 70 अटल कैंटिन शुरू किए गए हैं, जहां प्रतिदिन करीब 70 हजार लोग मात्र पांच रुपये में भोजन प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 50 वर्ष बाद दिल्ली के लिए नया मास्टर ड्रेनेज प्लान लाया गया है। मेरी पूंजी मेरा अधिकार के तहत 70 हजार बेटियों को लाडली योजना में पड़े 200 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
पिछली सरकारों के समय शुरू हुई योजना का लाभ लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाया था। प्रधानमंत्री की पारदर्शिता की प्रेरणा से सभी विभागों में डिजिटाइजेशन किया गया और स्कूलों में 70 हजार स्मार्ट क्लास शुरू किए गए हैं। वर्षों से अटकी, लटकी और भटकी हुई योजनाओं का समाधान किया जा रहा है।
33,500 करोड़ की मेट्रो और आवास परियोजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने करीब 33,500 करोड़ रुपये की लागत से मेट्रो और सरकारी आवास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने पिंक लाइन पर 12.3 किलोमीटर लंबे मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर काॅरिडोर का उद्घाटन किया। इसके साथ ही मजेंटा लाइन पर 9.9 किलोमीटर लंबे काॅरिडोर का भी उद्घाटन किया।
इन काॅरिडोर के शुरू होने से बुराड़ी, जगतपुर, वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर, बादली, भलस्वा और मजलिस पार्क क्षेत्रों में मेट्रो कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
तीन नए मेट्रो काॅरिडोर का शिलान्यास
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मेट्रो फेज-5 (ए) के अंतर्गत दिसंबर में स्वीकृत तीन नए काॅरिडोर का शिलान्यास भी किया। इनमें आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज काॅरिडोर शामिल हैं।
इनकी कुल लंबाई 16.10 किलोमीटर है। इन कारिडोर के निर्माण से फरीदाबाद, नोएडा और दक्षिणी दिल्ली से एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
देश में तेजी से बढ़ा मेट्रो नेटवर्क
केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह दिल्लीवासियों के लिए महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि प्रधानमंत्री कई बड़ी योजनाएं समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरोजनी नगर में ढाई हजार फ्लैटों का उद्घाटन किया गया है।
उन्होंने कहा कि 24 वर्ष पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मेट्रो का उद्घाटन किया था। वर्ष 2014 तक देश के सिर्फ पांच शहरों में 245 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इसमें तेजी आई है। नमो ट्रेन को जोड़ लें तो देश में मेट्रो नेटवर्क 1100 किलोमीटर तक पहुंच गया है। अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरे स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क 500 किलोमीटर से अधिक हो गया है और यह दिल्ली की जीवन रेखा बन चुकी है। इससे समय की बचत होती है, प्रदूषण कम होता है और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलग कोच भी उपलब्ध हैं।
बड़ी संख्या में महिलाएं मेट्रो संचालन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि मेट्रो नहीं होती तो दिल्ली में बहुत परेशानी होती। मेट्रो के कारण यातायात जाम की समस्या भी काफी हद तक कम हुई है और करीब एक लाख टन कार्बन उत्सर्जन रुकने में मदद मिली है।
आवास और कनेक्टिविटी पर भी जोर
उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन से 500 मीटर के दायरे में लोगों को आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है और लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर भी काम किया जा रहा है। मेट्रो के कारण एनसीआर में आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में 20 हजार लोग आवास की प्रतीक्षा सूची में हैं और जिन आवासीय परिसरों का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है, उससे लगभग नौ हजार कर्मियों को आवास उपलब्ध होगा।
सरोजनी नगर जीपीआरए आवास योजना का दौरा
मेट्रो काॅरिडोर के उद्घाटन और शिलान्यास से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरोजनी नगर जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) के टाइप-पांच क्वार्टर का दौरा किया और महिला आवंटियों को चाबी सौंपी।
उन्होंने महिला श्रमजीवियों के साथ संवाद भी किया। जीपीआरए केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण आवासीय योजना है, जो स्व-वित्तपोषित मॉडल पर आधारित है और इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
