कौन हैं बसपा विधायक उमाशंकर, जिनके घर पड़ी आईटी की रेड, MLA से ज्यादा पत्नी के पास है संपत्ति

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बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर पर इनकम टैक्स का छापा पड़ा है. लखनऊ, बलिया और सोनभद्र में करीब दो दर्जन से अधिक ठिकानों पर 50 से अधिक अधिकारियों की टीम छापेमारी कर रही है. हालांकि, अभी साफ नहीं है कि उमाशंकर सिंह घर में मौजूद हैं या नहीं, लेकिन आयकर विभाग के अधिकारी हर वित्तीय लेन-देन की छानबीन कर रहे हैं. साथ ही उमाशंकर सिंह की पत्नी और बेटे की कंपनी की संपत्ति भी जांच के दायरे में है.

कौन हैं उमाशंकर सिंह?

उमाशंकर सिंह बलिया के रसड़ा तहसील के खनवर गांव के रहने वाले हैं, उनकी शिक्षा बलिया में हुई. कॉलेज के दिनों में इन्होंने छात्र राजनीति भी की, लेकिन ज्यादा सफलता हाथ नहीं लगी. फिर ठेकेदारी में कूद गए. इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़े और जीते. ठेकदारी करते हुए उन्होंने काफी धन कमाया और 2012 में रसड़ा विधानसभा से बसपा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और चुनाव जीता. तब से लेकर अब तक वो लगातार तीसरी बार बसपा के विधायक हैं.

ठेकेदारी के चक्कर में गई थी विधायकी

2012 में जब वे विधायक चुने गए तब उनके खिलाफ एडवोकेट सुभाष चंद्र सिंह ने 2013 में लोकायुक्त में शिकायत की थी कि वे विधायक होने के बाद भी लोक निर्माण विभाग से सरकारी ठेके ले रहे हैं. मामले की जांच तत्कालीन लोकायुक्त न्यायमूर्ति एन के मेहरोत्रा ने की. 18 फरवरी 2014 को जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेजी गई. मुख्यमंत्री ने 19 मार्च 2014 को प्रकरण चुनाव आयोग के परामर्श के लिए राज्यपाल को भेजा.

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तत्कालीन राज्यपाल ने यह प्रकरण तीन अप्रैल 2014 को चुनाव आयोग को भेज दिया. चुनाव आयोग से तीन जनवरी 2015 को अभिमत प्राप्त होने पर उमाशंकर सिंह ने राज्यपाल राम नाईक के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा. राज्यपाल ने 16 जनवरी 2015 को उनका पक्ष सुना. फिर 29 जनवरी 2015 को उन्हें विधान सभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया. इस फैसले के खिलाफ उमाशंकर सिंह हाईकोर्ट गए.

28 मई 2016 को हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को प्रकरण में खुद जांच कर राज्यपाल को अवगत कराने का आदेश दिया. इसके बाद 14 जनवरी 2017 को उनकी विधायकी खत्म कर दी गई. उनकी पूरी विधायकी को ही अयोग्य करार दिया गया था. ऐसे में 2012 में जीतने के बाद जो सरकारी आवास उन्हें मिला था, उसका किराया 5.45 लाख रुपये अपनी जेब से राज्य संपत्ति विभाग को देना पड़ा था. विधायकी खत्म उस वक्त हुई, जब यूपी में चुनाव हो रहे थे. उमाशंकर सिंह एक बार फिर रसड़ा से मैदान में उतरे और 2017 में फिर विधायक बन गए.

घोषित की थी 54 करोड़ की संपत्ति

2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उमाशंकर सिंह के पास 54 करोड़ की संपत्ति है, जिसमें 18 करोड़ की चल संपत्ति और 35 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है. उमाशंकर सिंह के ऊपर 13 करोड़ का भी लोन है. उमाशंकर सिंह की पत्नी पुष्पा सिंह C. S. INFRACONSTRUCTION की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. यह कंपनी यूपी में सड़क निर्माण करने वाली बड़ी कंपनियों में से एक है. इसकी शुरुआत 2002 में उमाशंकर सिंह ने की थी.

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एक हजार करोड़ से अधिक का टर्नओवर

शुरुआत में इस कंपनी का नाम छात्र शक्ति कंट्रक्शन था, जिसे बाद में C. S. INFRACONSTRUCTION किया गया. उमाशंकर की पत्नी पुष्पा सिंह इस समय कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में इस कंपनी ने एक हजार करोड़ का टर्नओवर किया था. इस कंपनी के पास आधा दर्जन से अधिक हॉट मिक्स प्लांट और क्रेशर है. कंपनी के नाम पर 250 से अधिक ट्रेलर (डंपर) और 150 खनन करने वाली मशीन के साथ ही दो पेट्रोल पंप भी हैं.

PWD के ठेकों पर एकछत्र राज

बताया जाता है कि C. S. INFRACONSTRUCTION कंपनी का यूपी के PWD विभाग के ठेकों पर एकछत्र राज रहता है. अधिकतर बड़े ठेके इस कंपनी के पास हैं, जिसमें वाराणसी-शक्तिनगर सड़क, सोनौली बलिया रोड (SH-1),राम जानकी रोड- देवरिया, लुंबिनी-दुधी रोड, इलाहाबाद में भारतगंज प्रतापुर का चौड़ीकरण, रॉबर्ट्सगंज घोरावल मडियन-सोनभद्र को चौड़ीकरण और बेलखुरी तिवारीपुर रोड-सोनभद्र का चौड़ीकरण शामिल है.

गोरखपुर सड़क घोटाला और सोनभद्र खनन घपला

इनकी कंपनी पर 2017 में गोरखपुर में मेडिकल कॉलेज फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान नाले की ऊंचाई सड़क से ज्यादा बनाए जाने के आरोप लगे थे. बारिश में आसपास के इलाकों में जलभराव हो गया था. तब गोरखपुर सदर विधायक राधामोहन दास अग्रवाल ने विधानसभा में मामला उठाया और शाहपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी. अगस्त 2025 में CAG रिपोर्ट में सोनभद्र खनन घोटाले का मामला सामने आया.

उमाशंकर सिंह की पत्नी की कंपनी C. S. INFRACONSTRUCTION ने सोनभद्र में पत्थर खनन का पट्टा लिया था. कंपनी ने 3000 रुपये प्रति घनमीटर की नीलामी दर पर अधिकार हासिल किया, लेकिन रॉयल्टी सिर्फ 160 रुपये प्रति घनमीटर थी. CAG के अनुसार कंपनी ने 33,604 घनमीटर गिट्टी का अवैध खनन किया. जुर्माना नीलामी दर के बजाय रॉयल्टी दर पर वसूला गया, जिससे सरकार को करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.

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आय से अधिक संपत्ति का भी मामला

पिछले साल ही आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस विभाग ने उमाशंकर सिंह, उनकी पत्नी पुष्पा सिंह, बेटे यूवेश और बेटी रयामेनी के नाम पर खरीदी गई सभी संपत्तियों जमीन, मकान, फ्लैट, व्यावसायिक और कृषि की जांच शुरू की थी. वाराणसी और प्रयागराज के रजिस्ट्री कार्यालयों से रिकॉर्ड मंगवाए गए थे. आरोप था कि उमाशंकर सिंह की संपत्ति उनकी आय से कई गुनी है. अभी तक विजिलेंस जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है.

कई दिनों से बीमार चल रहे हैं उमाशंकर

इसके अलावा C.S. LUXURY HOTELS नाम की कंपनी में उमाशंकर की पत्नी पुष्पा सिंह के साथ ही बेटा योकेश सिंह भी डायरेक्टर है. इस कंपनी के कई होटल और रिसॉर्ट बताए जाते हैं. फिलहाल, बलिया की रसड़ा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक उमाशंकर सिंह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे हैं. उनका इलाज अमेरिका में चल रहा है. बताया जाता है कि उन्हें कैंसर है. यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भी उमाशंकर सिंह एक ही दिन नजर आए थे. वो सदन में पार्टी की ओर से बोले भी नहीं थे.

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